UP Weather Update: यूपी में 16 अक्टूबर तक बारिश के आसार, गरज-चमक के साथ बौछारों का अनुमान; IMD का नया अपडेट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 16 अक्टूबर तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं। हालांकि फिलहाल किसी तरह का मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

16 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्र में बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण से दक्षिण जम्मू संभाग, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक द्रोणिका बनी हुई है। इसी सिस्टम के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 12 से 16 अक्टूबर तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 व 16 अक्टूबर को कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं 17 अक्टूबर से प्रदेश में मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

लखनऊ का मौसम कैसा रहेगा

राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ होने का अनुमान है। अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है।

पश्चिमी यूपी में रविवार को हुई झमाझम बारिश

रविवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। अमरोहा में आकाशीय बिजली की गड़गड़ाहट के साथ हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

किसानों की बढ़ी चिंता

अधिकारियों के अनुसार, अमरोहा समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छह जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने, आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की भी संभावना है। ऐसे में कटाई के लिए तैयार धान की फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। पहले सितंबर के आखिर और फिर हाल की ओलावृष्टि के बाद अब लगातार बारिश से खेतों में गिरी धान की फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

बारिश ने खोली जल निकासी व्यवस्था की पोल

रविवार दोपहर बाद शुरू हुई तेज बारिश के कारण अमरोहा के कई शहरी और ग्रामीण इलाकों में सड़कों और गलियों में पानी भर गया। नालियां ओवरफ्लो होने से आवागमन प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने हर बारिश में जलभराव की समस्या को लेकर नगर निकाय की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई।


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